हिंदी और हिंदी ब्लॉग

हिंदी जगत में आपका स्वागत है।यह हमारी पहली पोस्ट है इस पोस्ट में हम हिंदी भाषा और इस पोस्ट के मूल विषय ब्लॉगिंग के बारे में बात करने वाले हैं।

हिंदी शब्द की उत्पत्ति फ़ारसी के शब्द हिन्दू या सिंधु से हुई है यह प्रमुख रूप से भारत में बोली जाती है। हिंदी भाषा विश्व की तीसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाओं में एक है। विश्व में लगभग 60 करोड़ लोग हिंदी बोलते हैं। हिंदी विश्व के अनेक देशों जैसे मॉरीशस, त्रिनिदाद, टोबैगो,फिजी,साउथ अफ्रीका,नेपाल आदि में बोली जाती है। हिंदी भाषा को भारत की आधिकारिक भाषा के रूप में और साउथ अफ्रीका में माइनॉरिटी भाषा के रूप में मान्यता प्राप्त है। इसके अलावा विश्व के लगभग हर देश में हिंदी का प्रयोग भारतीय मूल के लोग करते हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका में भी लगभग डेढ़ लाख हिंदी भाषी बसते हैं। इस तरह आप समझ सकते हैं कि हिंदी जगत का किस तरह विस्तार हो रहा है।

उपरोक्त आंकड़ों से स्पष्ट है कि हिंदी विश्व की महत्वपूर्ण भाषाओं में शुमार है।अब हिंदी भाषा के अन्य पहलू जैसे कि इंटरनेट व ब्लॉगिंग के संदर्भ में करें तो यह पता चलता है कि हिंदी में इंटरनेट का उपयोग करने वालों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। Google-KPMG के एक रिपोर्ट के हवाले से हिंदी इंटरनेट उपयोगकर्ता ने अंग्रेजी के नेट उपभोक्ताओं को पीछे छोड़ दिया है। भारत में इंटरनेट के प्रसार व इसकी गति बढ़ने,सस्ते स्मार्टफोन व पैकेज की वजह से इसे और आगे जाने की पूरी संभावना है। हालांकि ब्लॉगिंग के अल्गोरिथम व व्यवसायिक दृष्टिकोण से हिंदी अभी भी उतनी लाभकारी नहीं है।भारत के अधिकांश ब्लॉगर आर्थिक पहलुओं को ध्यान में रखकर अंग्रेजी भाषा में ब्लॉगिंग करना ज्यादा फायदेमंद समझते हैं। इन सब के बावजूद भारत में हिंदी ब्लॉगिंग का प्रचलन बहुत तेजी से बढ़ रहा है और इसमें कमाई के अवसर भी बढ़ रहे हैं।

भारत की तेजी से बढ़ रही आर्थिक ताकत , इंटरनेट उपभोक्ताओं की संख्या, फेसबुक,व्हाट्सएप, टेलीग्राम व अन्य सोशल मीडिया के उपयोगकर्ता में बढ़त और बदलती जीवन शैली की वजह से भारत के लोग भी डिजिटल कार्यशैली व जीवनशैली को तेजी से अपना रहे हैं। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण यह है कि 2014 में गूगल द्वारा भी हिंदी को स्वीकार किया गया और सर्च इंजन को हिंदी शब्दों के समायोजन के अनुरूप बनाया गया।उसके बाद हिंदी भाषा में ब्लॉगिंग का ट्रेंड काफी बदला है तथा हिंदी ब्लॉग के पाठकों की संख्या भी बढ़ी है।

यह अनुमान है कि अगले पांच वर्षों में हिंदी व अन्य क्षेत्रीय भाषाओं म

अब यह पूरे विश्वास के साथ हम कह सकते हैं कि हिंदी के ब्लॉग का दौर अभी शुरू हुआ है जो भविष्य में नई ऊंचाइयों को छुएगा।

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